Interview with Author Sunita Sharma

Deepak Kumar : आपको पहली बार कब एहसास हुआ कि आप एक लेखक बनना चाहते हैं?
Sunita Sharma : मुझे बचपन से ही अच्छे-अच्छे लेखकों को पढ़ने का बहुत शौक था.. पढ़ने के पश्चात आत्ममंथन करती l कुछ घटनाये मन को ज्यादा प्रभावित करने लगी..तो मैं अपने विचार उन पर लिखने लगी ..स्‍वयं की लिखी कविताओं-निबंधों-पत्रों की प्रशंसा शिक्षकों द्वारा मिलने लगी तो कलम अपने आप चलने लगी l मुझे ऐसा लगता है इन्हीं संवेदनशील घटनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा सकूं इसी लालसा ने कहीं हाथ में कलम पकड़ा दी

Deepak Kumar : किताब लिखनेमेंआपको कितना समय लगता है?
Sunita Sharma : पुस्तक के कथानक व विषय सामग्री पर निर्भर करता है.. 3 महीने से लेकर 3 साल तक.. खासतौर से अगर आप कोई उपन्यास लिख रहे हैं l

Deepak Kumar : जब आप लिख रहे हों तो आपका समय क्या है?
Sunita Sharma : लिखना मेरा शौक है, व्यवसाय नहीं, बहुत दिनो तक विचारों व पात्रों का आत्ममंथन चलता रहता है.. I वैसे मुझे रात को लिखना अच्छा लगता है जब चारों और शांति होती है.. तो मन में विचारों का प्रवाह काफी अच्छा रहता है

Deepak Kumar : आप क्या कहेंगे आपकी दिलचस्प के बारे में ?
Sunita Sharma : यूँ तो मैं “रिश्तों ” पर लिखती हूं .. मां बाप भाई बहन.. इत्यादि.. पर मेरा सर्वाधिक प्रिय विषय प्रेम है.. प्रेम में भी विरह में डूबी रहती हैं मेरी कविताएं l

Deepak Kumar : आपको अपनी पुस्तकों के लिए उनकी जानकारी या विचार कहाँ से मिलते हैं?
Sunita Sharma : संवेदनशील होने के कारण पास पड़ोस.. देश .. विदेश..विश्व में कहीं कोई भी घटना जो हृदय को छू जाती है तो उस पर लिखना शुरु कर देती हूं l

Deepak Kumar : आपनेअपनी पहली कि ताब कब लिखी थी और आप कितने साल के थे?
Sunita Sharma : युवावस्था में डायरी के रूप में लिखती थी.. जिसे शादी के बाद “मैं गांधारी नहीं ” काव्य संकलन के रूप में प्रकाशित हुआ l

Deepak Kumar : जब आप नही लिख रहे हैं तो आप क्या करना पसंद करते हैं?
Sunita Sharma : मेँ यहाँ न्यूजीलेंड में अध्यापन से जुडी हूं..प्रवासी भारतीय होने के कारण मुझे लोगों को अपनी भाषा और सांस्कृति से जोड़े रखना बहुत अच्छा लगता हैं l
मुझे ट्रैवल करना बहुत पसंद है ..

Deepak Kumar : आपका परिवार आपके लेखन के बारे में क्या सोचता है?
Sunita Sharma : परिवार के सभी सदस्य सराहते है, सहयोग करते हैं व आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं

Deepak Kumar : आप अपनी किताबों को बनाने में सबसे आश्चययजनक चीजों में से एक क्या थी?
Sunita Sharma : अनछुए-स्पर्श काव्य संग्रह का इतना प्रसिद्धी पाना..

Deepak Kumar : क्या आपके पास एक बेहतर लेखक बनने में मेरी मदद करने के लिए कोई सुझाव है? यदि ऐसा है, तो क्या..?
Sunita Sharma : लिखने से पहले बहुत सारा पढ़िए.. और अच्छा पढ़िए.. फ़िर आत्ममंथन कीजिए.. दिल से लिखेंगे तो दूसरे के दिल तक जरूर पहुंचेगा..

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