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Harish Trivedi

Harish Trivedi

Que 1 :- आपने अपने विशेष क्षेत्र या शैली में लिखना क्यों चुना? यदि आप एक से अधिक लिखते हैं, तो आप उन्हें कैसे संतुलित करते हैं
Ans :- मैं स्वतंत्र लेखक हूँ, जब कोई निर्माता या निर्देशक मुझे लेखन के लिये नियुक्त करता है तब मैं उसके कार्य को लिखने लगता हूँ, सुबह शाम कविता लिखता होँ, खाली दिनों मे नावेल लिखता हूँ।

Que 2 :- आप कब से लिख रहे हैं? और आप किस तरह का लेखन करते हैं?
Ans :- मैं 1988 से लिख रहा हूँ, 31 वर्ष हो गये लिखते हुये।


Que 3 :- आप लेखन / पठन / कहानी / लेखन आदि में क्या सांस्कृतिक मूल्य देखते हैं?
Ans :- लेखक की बड़ी गहन भूमिका होती है, चूँकि वह अपने लेखन से पाठक पर अभूतपूर्व असर ड़ाल सकता है इसलिये ये उसका कर्तव्य होता है कि वो नैतिक मूल्यों का ध्यान रखे और बिना उपदेश की भाषा का प्रयोग किये अंतरनिहित ढंग से सुधारात्मक विवेचना कर दे।

Que 4 :- इस पुस्तक में आपके लक्ष्य और इरादे क्या थे, और आप उन्हें कितना अच्छा महसूस करते हैं?
Ans :- कोई विशेष लक्ष्य नहीं है, बस हर मनुष्य की फिर से दोबारा जीने की इच्छा की पुष्टि की है, हर मनुष्य की गुज़रे वख़्त को फिर से जीने की ललक, अपनी कल्पना मे उसमे विचरण करने की लालसा की भावनाओं का चित्रण किया है।

Que 5 :- आपको क्या लगता है कि आपके लेखन में सबसे अधिक विशेषता है? और इस पुस्तक को लिखने का सबसे कठिन हिस्सा?
Ans :- मुझे कतई नही लगता कि मैं कोई विशेषता लिये हूँ अपने लेखन में, ये तो पाथक ही निर्धारित करेंगे कि मेरा लेखन उन्हें कितना प्रभावित करता है।

Que 6 :- आपको लिखना सीखने में सबसे उपयोगी क्या लगा? क्या कम से कम उपयोगी या सबसे विनाशकारी था?
Ans :- मेरा मानना है कि लेखन सीखा नहीं जा सकता, ये तो ईश्वरीय देन है जो मनुष्य के अंदर छुपी हुई रहती है और जीवन यापन के दौरान प्रक्रति को देख या आम जीवन को देख, अपने प्रेम के विरह मे आकर उमड़ी भावनाओँ को प्रायः वर्णित करने के लिये आतुर हो जाता है।
प्रश्न के दूसरे भाग का उत्तर देना मेरे लिये मुश्किल है क्योंकी अभी तक तो मेरे लेखन से ऐसी कोई स्थिति पैदा नहीं हुई, वैसे भी मेरे लेखन का क्षेत्र राजनैतिक या धार्मिक नहीं है जिसको पढ़ कर लोगों में उत्तेजना जाग्रत हो। मै तो प्रेम व विरह का भावनात्मक वर्णन करता हूँ। जो कि हाँनिकारक बिलकुल नहीं है।

Que 7 :- क्या आप पूर्णकालिक या अंशकालिक लेखक हैं? यह आपके लेखन को कैसे प्रभावित करता है?
Ans :- मैं पूर्णकालिक लेखक हूँ, मुझे लेखन कार्य के लिये निमंत्रण देकर अनुबंधित किया जाता है, इसलिये जब अनुबंधन से समय रिक्त होता है तब मैं स्वांतःसुखाय लेखन करता हूँ जैसे कविता और उपन्यास लेखन. अभी हाल ही मे मेरा अंग्रेज़ी उपन्यास “स्लेव्स आफ डेस्टिनी” प्रकाशित हुआ है, पिछले वर्ष मेरा कविता संग्रह “तनहाइयाँ” प्रकाशित हुआ था। मेरे लेखन समय में सुचारु सामंजस्य है।

Que 8 :- आप कैसे लिखते हैं या लिखने के लिए समय निकालते हैं?
Ans :- मैं शाम 6 बजे सो जाता हूँ और 8 घंटे सोने के बाद रात 2 बजे उठ कर मार्निग वाक पर जाता हूँ और 3 बजे लौट कर स्नान करके 4 बजे तक अपने लैपटाप पर आकर लेखन कार्य शुरू कर देता हूँ, मेरा सभी से कहना है कि मेरा दिन दूसरों से 6 घंटे बड़ा होता है वह इसलिये कि अमूमन लोग 10 बजे सुबह तैय्यार होकर काम करना शुरू करते हैं लेकिन तब तक मुझे काम करते हुये 6 घंटे हो चुके होते हैं, जब लोग शाम 6 बजे से रात 2 बजे तक मदिरा पान, पार्टियों मे लगे रहते हैं मैं उसका उपयोग सोने में करता हूं और 4 बजे तैय्यार होकर लेखन कार्य शुरू कर देता हूँ। हो गया न मेरा दिन 6 घंटे बड़ा दूसरों से।

Que 9 :- लेखन समुदाय में आपकी क्या भूमिका है?
Ans :- मेरी भूमिका तो यही है कि मै पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ लेखन करता हूँ, बाकी कितना सफल होता हूं ये तो समय ही निर्धारित करेगा, मै कुछ भी कहूँगा तो “अपने मुह मियाँ मिट्ठू बनने वाली बात हो जायेगी इसलिये आगे आने वाले समय को ही मेरी भूमिका की विवेचना करने दीजिये यही बेहतर होगा।

Que 10 :- भविष्य की परियोजनाओं के लिए आपकी योजनाओं में क्या शामिल है?
Ans :- मविष्य की योजनायें मेरी हैं कि अपने नावेल “Slaves Of Destiny” को किसी समर्थ निर्माता या Hollywood Production Agent के पास पहुंचाना, और इसी नावेल का 2nd Part लिखना जिसमें भारतीय बंधुआ मजदूर ब्रिटिश गयाना सम्रद्धि, शांति और अपनी मर्यादा/गौरव के लिये वहाँ पहुंचे थे, लेकिन श्वेत मालिकों के अत्याचार, निर्दयता, दमन और भाषा अवरोध के कारण बंद गलियारे में फँस कर रह गये थे।
साथ ही कवितायें भी लिखना जारी रहेगा।

Review Harish Trivedi.

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