Interview With H.K. Joshi

Interview With H.K. Joshi

Deepak :- आपको कब अहसास हुआ की आप एक लेखक बनना चाहते है ?
H.K. Joshi – मेरे घर पर मेरे पिताजी जब कोई उपन्यास या कहांनी पड़ते थे , तो मैं भी उनकी पुस्तकों को छुप छुप कर पड़ता था।
मैं उस समय कक्षा सात का स्टूडेंट था अतः पिताजी मुझें अपनी कोर्ष की किताबों को ही पढ़ने की कहते थे, किन्तु मैं उनकी पुस्तकों को चुपचाप पढ़ता रहता।
इस तरह पढ़ते हुए मुझें तीन साल बाद लगा कि मैं भी कुछ लिख सकता हूँ , उस समय मैं हाई स्कूल की परीक्षा दे चूका था अतः जून की छुट्टियों में मैंने पहली बार लिखना शुरू किया जो एक उपन्यास था।

Deepak :- किताब लिखने में आपको कितना समय लगता है ?
H.K. Joshi :- पहली बार जब मैंने लिखना शुरू किया तो मुझें उस क़िताब को पूरा करने में छह माह लगे, पर आज मैं कहानियाँ लिखता हूँ तो एक माह में पूरी कहांनी धारावाहिक जो एक या डेढ़ घण्टे की होती है लिखता हूँ।

Deepak :- जब आप लिख रहे हो तो, आपका कार्य समय क्‍या है ?
H.K. Joshi :- जब मैं लिखना शुरू करता हूँ तो मेरा कोई निर्धारित समय नहीं होता, कभी स्कूल से आने के बाद लिखना शुरू करता हूँ तो कभी रात्रि में आँख खुल जाती है तो लिखना प्रारम्भ कर देता हूँ ,मेरा निश्चित कोई शिड्यूल नहीं है।

Deepak :- आप क्‍या कहेंगे आपके दिलचस्‍प के बारे में ?
H.K. Joshi :- मुझें कहानियाँ , कविताएं, उपन्यास ,हास्य-व्यंग लिखना अतियाधिक प्रिय लगता है और मैं पूरी दिलचस्पी दिखाता हूँ।

Deepak :- आपको अपनी पुस्‍तकों के लिए जानकारी या विचार कहाँ से मिलते है ?
H.K. Joshi :- मुझें कहांनी या कविताएं अथवा उपन्यास हास्यव्यंग लिखने के लिये इसी समाज से मैं कथावस्तु चुनता हूँ, जो वर्तमान में विषय मिलता है, किन्तु हॉरर सीरीज़ की कहानियों के लिय मेरे दिमाग़ में पहले से ही खाका तैयार होजाता है जो मेरी कल्पना शक्ति पर निर्भर है।

Deepak :- जब आपने पहली पुस्‍तक लिखी थी आप कितने साल के थे ?
H.K. Joshi:- हाईस्कूल की परीक्षा देने के बाद जून माह में मैंने अपना पहला उपन्यास लिखा, जब मेरी उम्र 17वर्ष थी, यह उपन्यास मेरा एक सपना था । जो प्रेंम पर आधारित था, किन्तु उस समय यह एक पाण्डुलिपि मात्र बन कर रह गया था।

Deepak :- जब आप नहीं लिख रहे हो तो आप क्‍या पसन्‍द करते है ?
H.K. Joshi :- जब मेरा लिखने का मन नहीं होता है उस समय मैं टी.वी.,देखना या पुराने गीत सुनना पसंद करता हूँ,।

Deepak :- आपका परिवार आपके लेखन के बारे में क्‍या सोचता है ?
H.K. Joshi :- पत्नी कहती है दिन भर इसी में लगे रहते हो, इससे तुम्हें क्या मिलता है?।
मैं उसे बोलता हूँ, मुझें लिखने से एक नया आनन्द मिलता है,।

Deepak :- आपकी अपनी किताबों को बनाने में आश्‍चर्यजनक चीजों क्‍या थी ?
H.K. Joshi :- मुझें अपनी किताबों को बेहतर बनाने में मेरी लग्न ,और मेरा परिश्रम के साथ साथ मेरी माता सरस्वती का विशेष आशीर्वाद है।

Deepak :- क्‍या आपके पास बेहतर लेखक बनने में मेरी मदद करने के लिए कोई सुझाव है। यदि ऐसा है तो वह क्‍या है ?
H.K. Joshi :- एक बेहतर लेखक बन ने के लिये हमें अच्छे और समकालीन लेखकों को पढ़ना चाहिए, साथ ही कल्पना शक्ति, एवं शब्द ज्ञान काभण्डार होना जरूरी है।

Deepak :- आप अपनी अगली पुस्‍तक कब लिख रहे है ?
H.K. Joshi :- मैं अभी एक हॉरर सीरीज़ में सस्पेंस, रोमांचक, एक्शन से भरी कहांनी संग्रह भाग 02 पर काम कर रहा हूँ, अभी फरबरी माह में मेरी एक कहांनी संग्रह भाग 01 जो “भूतों का सँसार ” प्रकाशित हुआ है, अब इसका भाग 02 पर कहानियों को लिख रहा हूँ।

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