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Interview With Manjuha ‘Radhe’

Interview With Manjuha ‘Radhe’

Deepak :- आपको कब अहसास हुआ की आप एक लेखक बनना चाहते है ?
Manjuha ‘Radhe’ लिखते तो हम हमेशा से रहे और हमारी दी ‘भावना देवेन्‍द्र मैथाली’ काफी समय से इस विषय में मुझसे कहती रही। पर लेखक बन जाना, ये सोचा नहीं था। बस अभी कुछ समय पहले ही अपने शोक को किताब लिखकर पूरा किया।

Deepak :- किताब लिखने में आपको कितना समय लगता है ?
Manjuha ‘Radhe’ :- थोड़े मनमौजी किस्‍म के है हम लिखने का मन हो तो किताब कुछ दिन में पूरी कर लेते है। पर निश्चित समय लगे इस तरह की समय सीमा नहीं है मेरी कोई ।

Deepak :- जब आप लिख रहे हो तो, आपका कार्य समय क्‍या है ?
Manjuha ‘Radhe’:- मुझे शान्‍ती में लिखना पसन्‍द है तो ज्‍यादात्‍तर रात को ही लिखना पसन्‍द करते है लेकिन कभी-कभी दिन में भी थोड़ा बहुत लिख लेते है ।

Deepak :- आप क्‍या कहेंगे आपके दिलचस्‍प के बारे में ?
Manjuha ‘Radhe’:- दिलचस्‍प जिन्‍दगी का हमारा वो खूबसूरत हिस्‍सा है जब अपने शोंक को किताब में पूरा करने की सोचा और Just dial के जरीये हम Book

Clinic के जरीये किताब पब्लिश हुई। सब अचानक होना। ये दिलचस्‍प किस्‍सा रहा हमारा वैसे हर विषय पर लिखते है पर Poetry लिखना ज्‍यदा पसन्‍द करते है ।

Deepak :- आपको अपनी पुस्‍तकों के लिए जानकारी या विचार कहाँ से मिलते है ?
Manjuha ‘Radhe’:- आस-पास का माहौल, लोगों की जिन्‍दगी के अनुभव, कुछ सोच और कुछ दिल के अहसास। ये सभी कुछ न कुछ लिखने की सीख देते है और वही सब लिखते है हम भी।

Deepak :- जब आपने पहली पुस्‍तक लिखी थी आप कितने साल के थे ?
Manjuha ‘Radhe’:- मैंने First Time अपनी स्‍कूल की किताब के लिए लिखा था और तब मैं नौवी (9) कक्षा की छात्रा थी ।

Deepak :- जब आप नहीं लिख रहे हो तो आप क्‍या पसन्‍द करते है ?
Manjuha ‘Radhe’:- बोलना और लिखना ये दोनों शोंक और हुनर रहे है जब मैं नहीं लिखती तो किसी ना किसी से बोलना पसन्‍द करते है ।

Deepak :- आपका परिवार आपके लेखन के बारे में क्‍या सोचता है ?
Manjuha ‘Radhe’:- सबको अच्‍छा लगा कि हम अपने शोंक को किताबों का रूप दें। खासतौर पर हमारे भाई ‘भारत गेम्‍बानी’ ने हरकदम और मुझे हमेशा Support किया।

Deepak :- आपकी अपनी किताबों को बनाने में आश्‍चर्यजनक चीजों क्‍या थी ?
Manjuha ‘Radhe’:- वैसे मैं, शायरी और कविताएँ अच्‍छी करती हूँ । सबके साथ मुझे भी यही लगा था की अगर मेरी कभी कोई लिखी किताब होगी तो मेरी First Book वही होगी पर First Book Story Book थी, 2nd Book ‘लोगों की गुरू और परमात्‍मा पर आस्‍था’ पर थी, आश्‍चर्य होता है मुझे भी ये सब खुद के बारे में सोचकर।

Deepak :- क्‍या आपके पास बेहतर लेखक बनने में मेरी मदद करने के लिए कोई सुझाव है। यदि ऐसा है तो वह क्‍या है ?
Manjuha ‘Radhe’:- हमारा मानना है हर किसी में एक लेखक छिपा होता है हर किसी को जिन्‍दगी कुछ न कुछ सिखाती है और बस एक चाह होनी चाहिए दिल से लिखने की ।

Deepak :- आप अपनी अगली पुस्‍तक कब लिख रहे है ?
Manjuha ‘Radhe’:- जल्‍द ही लिखने की सोच रहे है बस इस बार एक नये विषय पर लिखने की कोशिश करेंगे

Review Interview With Manjuha ‘Radhe’.