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Interview With Manjusha Radhe

Interview With Manjusha Radhe

शिवानी : आपको पहली बार कब एहसास हुआ कि आप एक लेखक बनना चाहते है ?

उत्तर  लिखना हमेशा से शोंक रहा है लेकिन एहसास टीचर ने कराया कि अच्छा लिखते है तो लिखते रहो लेकिन मैंने कभी के बारे में नहीं सोचा था, बाकी ये है कि लिखना शौक रहा है हमारा, कब किताब लिखी पता ही नहीं चला !

शिवानी : किताब लिखने में आपको कितना समय लगता है?

उत्तर :  थोडा मूही किस्म के है तो जब मन होता है तभी लिख पाते है कुछ, तो कभी महीने भी लग जाते है तो कभी कुछ दिनों में भी पूरी हो जाती है किताब ।

शिवानी: आप लिख रहे तो आप का कार्य समय क्या है ?

उत्तर : जब मन हो लिखने का तो सोते हुए भी उठ जाएं लिखने का कोई खास समय फिक्स नहीं है बस जब मन हो तब लिखना पसंद करते है ।

शिवानी : आप क्या कहेंगे आप दिलचस्प के बारे में ?

उत्तर : शायरी करना बहुत पसंद है और सब के दिल को छूती शायरी जो उनके जज्बात बयां कर देती है कभी कभी हमारी कुछ पक्तियां तो बहुत खुशी मिलती है और इसी कारण कई दोस्त और परिवार के सदस्य किसी खास के लिए हमसे कुछ लिखवाते है तो बडी खुशी मिलती है ।

शिवानी : आपको अपनी पुस्तको के लिए जानकारी या विचार कहाँ से मिलते है ?

उत्तर :  अपने आस पास के लोगों, अपनी जिंदगी के उतार चढाव और हर वो जगह जहाँ आना जाना हो कुछ विचार या सुझाव मिल ही जाते है ऐसा मेरा मानना है ।

शिवानी : आपने अपनी पहली किताब कब लिखी थी और आप कितने साल के थे ?

उत्तर :  पहली बार अपनी स्कूल बुक के लिए लिखा था, शायद 9 कक्षा की छात्रा थे और स्कूल बुक में टीचर ने सहसंपादक के नाम पर मेरा नाम दिया था ।

शिवानी : जब आप नहीं लिख रहे है तो आप क्या करना पसंद करते है ?

उत्तर :  न लिख कर भी दिमाग में कुछ न कुछ पंक्तियां ही चलती ही है जब लिखते नहीं तो बोल कर परिवार या दोस्तों को सुनाते है, उसके सिवा बोलना बहुत पसंद है तो किसी ना किसी से बोलते ही है हमेशा ।

शिवानी : आप का परिवार आप के लेखन के बारे में क्या सोचता है ?

उत्तर :  सभी घर वाले जिन्होंने हमारी जिंदगी के सभी उतार चढाव को देखा और साथ रहे हमेशा आप हमारी शुरूआत से वो सभी खुश है ।

शिवानी : आप अपनी किताबों को बनाने में एक सबसे आश्चर्य जनक चीज क्या थी ?

उत्तर : किताबों का कभी सोचा ही नही था, लेकिन एक पहचान बनाने की चाह और दोस्तों का साथ उस समय जब आप को किसी के साथ की सबसे ज्यादा जरूरत हो तब कैसे जस्ट डायल,  के जरिए अचानक कैसे किताब बनाने और प्रकाशन में सहायक हुई वो हमारे लिए सबसे ज्यादा आश्चर्यजनक है ।

शिवानी : क्या आप के पास एक बहतर लेखक बनने में मेरी मदद करने के लिए सुझाव है? यदि ऐसा है  तो वह क्या है ?

उत्तर :  हमारे ख्याल से तो हर व्यक्ति में कहीं न कहीं एक लेखक होता है बस अगर आप में चाह है तो , जो कह नहीं सकते जुबां से ,वहीं लेखक, शायर, लिख देता कलम चलाकर,बडी शान से।

शिवानी : आप कि अगली पुस्तक कब लिख रहे है ?

उत्तर :  बस ज्लदी ही, कफी हद तक लिख चुके है कुछ काम बाकी है ।

Review Interview With Manjusha Radhe.