Apne Apne Pinjar , By(Savitri Singh “Ambedkar”)

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“मेरी जिंदगी की किताब का हर पन्ना बेमिशाल है।
कुछ में बसी बचपन की यादे, तो कुछ में बस तेरा ख्याल है।।

मेरे द्वारा रचित यह रचना ‘‘अपने अपने पिंजर’’ एक कुण्ठित मानसिकता पर एक प्रहार है जो कि आज के समाज में बहुताय देखी जा रही है। ‘‘धर्मान्तरण’’ शब्द जितना बोलने में दुरूह एवं कठिन है उतना ही इसका वास्तिविक रूप भी समाज के लिये घातक है यह कुण्ठा व्यक्ति को अन्दर तक झकझोरती है क्योंकि यह ‘‘सम्मान से जीने’’ में न केवल बाधक है बल्कि एक तानाशाही आवरण भी है। प्रस्तुत रचना में कुछ ऐसी कुण्ठित भावनाएँ नायिका की प्रदर्शित होती है। प्रस्तुत रचना में नारी के वजूद का बल प्रदान किया गया है तथा कथानक आज की ज्वलन्त समस्या, जाति /धर्म के पिंजर से आहत हो जाने पर नई नई विक्रतियां को जन्म देता आया है। जाति धर्म के नाम पर आज भी लोग ठगे जा रहे है और बार -बार उनके अस्तित्व पर चोट की जा रही है यह संदेश उनके लिये है जो ऊॅची उड़ान की आस में अपने ही पिंजर तोड़कर उड़ जाना चाहते है जहॉं शिकारी उनके पंखां को मसलने के लिये घात लगाये बैठे हैं। तब उनकी तड़प और पीड़ा उन्हें अपने पिंजर में लौटने को तिलतिला उठती है क्योकि जो सुरक्षा, सम्मान और अपना पन वे अपने पिंजर में पाते है वह अन्यन्त्र नहीं। यदि इस रचना के माध्यम से समाज में दो चार व्यक्ति भी जाग्रत हुये तो यह मेरे सौभाग्य है। ”

  • Publisher ‏ : ‎ Booksclinic Publishing 
  • Language ‏ : ‎Hindi
  • ISBN-13 ‏ : ‎ 9789355358479
  • Reading Age ‏ : ‎ 3 Years And Up
  • Country Of Origin ‏ : ‎ India
  • Generic Name ‏ : ‎ Book

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Description

सावित्री सिंह अंबेडकर का जन्म आगरा के एक बहुत ही साधारण परिवार में हुआ है! उनके परिवार में लोग बहुत ही कम शिक्षित थे परंतु उन्होंने अपनी उच्च पढ़ाई के लिए काफी संघर्ष किया, हाई स्कूल करने से पहले ही उनके पिता का देहांत हो गया था परंतु फिर भी पिता के द्वारा दी गई एक सीख उन्होंने अपने जीवन में हमेशा गांठ बांध ली थी कि आगे बढ़ो और शिक्षित बनो क्योंकि शिक्षा ही सबसे बड़ी ताकत है और दौलत भी इसलिए काफी संघर्षों से जूझते हुए सावित्री सिंह ने अपनी पढ़ाई जारी रखी! पिता की मृत्यु के उपरांत ही उनकी लेखनी में एक अजीब सी स्पूर्ति आ गई थी! पिता की याद में ही उन्होंने अपनी पहली कविता लिखी -” हवा की सरसराहट सुनी “! इसके बाद बोर्डिंग स्कूल में उनकी दूसरी कविता ” औरत ” लोगों को काफी पसंद आई और इसके लिए उन्हें प्रथम प्रशस्ति पत्र से नवाजा गया! समाज में वे अपनी लेखनी के लिए शुरू से ही कोई ना कोई आधार उठा लेती हैं और उसे इस कदर सादा और सरल भाषा में प्रेषित करती हैं कि पाठक बिना पढ़े ही नहीं रह पाता! उनके द्वारा रचित अपने-अपने पिंजर भी एक ज्वलंत समस्या धर्मांतरण के विरुद्ध एक छोटी सी पहल है!

Additional information

Dimensions 5 × 8 cm

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