Asambhav ke Virudh

(3 customer reviews)

“असम्भव के विरूद्ध पुस्तक के बारे में
लेखक जो कि 27.03.1974 से 30.06.2017 तक शासकीय सेवा में रहे के द्वारा लिखे गये विभिन्न लेख व रचनायें समय-समय पर ब्रम्हआलोक, युवा छत्तीसगढ, मार्ग़ आदि मासिक पत्रिकाओं तथा दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित होता रहा है। लेखक द्वारा संकलन एवं महत्वपूर्ण गम्भीर विषयों पर यह प्रथम पुस्तक हैं।
वर्तमान मे भारतवर्ष मे प्रत्येक 20 मिनट में एक बलात्कार का हादसा, छ.ग. में विगत 15 वर्षो में एच.आई.व्ही.पीडितों की संख्या में 76 की वृद्धि, यौन अत्याचार, भ्रूण हत्या, आॅनर किंलिग, में निरंतर वृद्धि हो रही है। लेसेंट पात्रिका में एक सनसनीखेज आॅकड़ा दिया है कि पिछले 3 दशको में 42 लाख से 121 लाख तक कन्या भ्रूण की हत्यायें भारत में ऐसे घरो में हुई जिसके यहाँ दुसरी संतान भी लकड़ी थी। लड़का हो या लकड़ी यह धारणा पिछली मानसिकता का परिचायक है। कल्पना कीजिये, देवभूमि, देवताओ की जन्मस्थलीय भारत की क्या दुर्दशा है।
इन सब आतताइयों को फांसी की सजा भी वर्षो नही हो पाती, संसद में प्रतिदिन बहस संविधान परिवर्तन के साथ यदि ऐसा हो कि भविष्य में संस्कारवान संतान की उत्पत्ति होने पर इन सब अनैतिक अपराधो में कमी संभव है। लेखक द्वारा श्रीमद्भगवदगीता, गरूणपुराण, श्रीमद्भागवत आदि पुराणों का गहन अध्ययन कर एक ऐसी विधि का पुस्तक में उल्लेख किया गया है जिसके पालन करने पर बिना किसी पूजा पाठ या अनुष्ठान के संस्कारवान संतान, की प्राप्ति की साथ ही भू्रण हत्या पर नियंत्रण पूर्णतः संभव है। इस पुस्तक से लोगो को मार्गदर्शन के साथ ही जिज्ञासुगण समुचित लाभ उठा सकेगे।

  • Paperback: 130 Pages
  • Publisher: Booksclinic Publishing
  • Language: Hindi
  • Edition: 1
  • ISBN: 978-93-89757-07-1
  • Release Date: 26 March 2020

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Book Details

Dimensions 5.5 × 8.5 cm

About The Author

Ram Shankar Shukla

“लेखक परिचय

नाम
रामशंकर शुक्ल
पिता श्री सुन्दर लाल शुक्ल
माता श्रीमती शकुंतला शुक्ला
जन्मतिथि 23, 06 1955
जन्मस्थान ग्राम बरतोरी,बिलासपुर
शिक्षा स्नातक (कॉमर्स )
सी आई आर टी पुणे से
डिप्लोमा इन मैनेजमेंट।
शासकीय सेवा-
i) 1974 से 2002 तक पूर्ववर्ती (राज्य परिवहन निगम )
ii) वर्ष 2003 से 2008 तक सी आई डी सी
iii) लोक सेवा आयोग (2009 से 2011
iv) हस्तशिल्प विकास बोर्ड से से सहायक प्रबंधक पद पर 2017 में सेवानिवृत्त
विशेष * सन 2004 में उत्कृष्ट कार्य सम्पादन हेतु माननीय कलेक्टर महोदय द्वारा प्रशस्ति पत्र *
सामाजिक सम्मान
1 एस ई सी एल बिलासपुर में सहस्त्र अक्षरों के अमोघ सदाशिव कवच का 4 मिनट 8 सेकंड में कंठस्थ वाचन ,लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड हेतु प्रस्तावित *
2 * मुंबई सामाजिक परिवर्तन फाउंडेशन द्वारा 2018 में 1,23,216 लोंगो को चमड़े की वस्तुओं का बहिष्कार का समर्थन हेतु सम्मान पत्र प्रदान किया गया।
3 * मेरे द्वारा सन 2010 से लगातार दोनों नवरात्रि पर्व पर लिंगियाडीह बिलासपुर के कामाख्या मंदिर में प्रज्लवित ज्योति कलश के मध्य अभिजीत मुहूर्त में दुर्गा माँ का स्तवन किया जाता है ।*
* जीवन का उद्देश्य
परहित सरस् धर्म नही भाई ।
परपीड़ा सम नही अधिकाई ।।

3 reviews for Asambhav ke Virudh

  1. Booksclinic Admin

    Nice book … sir

  2. Booksclinic Admin

    ASHAMBHAV KE VIRUDDH
    First book written by Mr Ramashankar Shukla Published by BOOKS CLINIC
    Is in category of Non fiction book achieved the goal of 5 STAR in google play store and 4.9 in amejon Kindle due to usefulness and intresting book .Now print copy of this book is available for sale

  3. Booksclinic Admin

    I read the soft copy written by shri RamShankar Shukla ji
    ASAMBHAV KE VIRUDH
    And going to purchase print copy of this Usefulness Book
    **I wish to say that Tajmahal or China Wall is not the Wonder of world but MOST WONDER IS Abortion of Female child by those who has already female means Kanya Author has written easy way to stop this WITH PROOVED ARTICLES
    A suggestion given by shri bajpai ji former president Advocate bar council {in page no 76 }is also thoughtful
    So instead of writing more suggest to purchase book** Book contains total 21 Chapters all related.to Aadhyatmik on Scientifically way
    Heartily Thanks to Author for his best investigation
    SAKET RAJPURIA
    Raipur (C.G )
    Mobile no. 93001 07111

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