Chandan Sarita : Kavya Sangrah by Chandra Pal

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वर्ष 1967 से ही जबकि मैं कक्षा 12 का विद्यार्थी था कवितायें लिखने लगा था। विशेष रूप से वर्ष 2020 से कवितायें लिखने में निरन्तरता आयी है। किताब छपवाने के बारे में मैंने कभी नहीं सोचा था। लेकिन कुछ सन्तो के यह कहे जाने पर कि चूँकि ये कवितायें भगवान श्री राम के ऊपर है अतएव इन्हें छपाया जाना उचित होगा ताकि अन्य लोगों को भी इन कविताओं का लाभ मिल सके।

मैं अपने हृदय की बात बडी ईमानदारी के साथ बताना चाहता हूँ कि इन कविताओं के माध्यम से न तो मैं अपनी ख्याति चाहता हूँ और न ही पैसा कमाना चाहता हैं। ये कवितायें भगवान श्री राम के द्वारा ही लिखी गयी हैं। अतएव मैं यह अवश्य चाहता हूँ कि अधिक से अधिक सनातनी व्यक्ति इन्हें पढ़कर लाभ उठायें।

सियावर रामचन्द्र की जय। पवन सुत हनूमान की जय

  • Publisher ‏ : ‎ Booksclinic Publishing 
  • Language ‏ : Hindi
  • Page : 143
  • Size : 5×8
  • ISBN-13 ‏ : ‎9789358231489
  • Reading Age ‏ : ‎ 3 Years 
  • Country Of Origin ‏ : ‎ India
  • Generic Name ‏ : ‎ Book

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Description

मैं कवि नहीं हूँ और न ही मुझे कविता लिखना आता है। मैं किसी भी विषय पर कविता के रूप में एक लाइन भी नहीं लिख सकता हूँ। जब कोई विचार आता है तो वह स्वतः कविता के रूप मे परिवर्तित हो जाता है। चन्दन सरिता में कोई भी कविता सांसारिक नहीं है। प्रत्येक कविता में किसी न किसी रूप में भगवान श्री राम का नाम अवश्य आया है। इस पुस्तक को कोई जितने समय तक पढ़ेगा उतने समय तक उसका ध्यान भगवान की ओर जायेगा ही जो कि व्यक्ति के कल्याण हेतु है।

कलयुग केबल नाम अधारा । सुमिरि नर उतरहिं पारा ।

Additional information

Dimensions 5 × 8 cm

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