Dr. Sridhar Mishra(Smriti Granth), By(Dr. Vijay Kumar Sinha)

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इस ‘स्मृति ग्रंथ’ के प्रकाशन का उद्देश्य डॉ. श्रीधर मिश्र के विशाल व्यक्तित्व एवं कृतित्व को उनके स्नेहीजनों के संस्मरणों के माध्यम से आम लोगों की जानकारी के लिए प्रस्तुत करना है ताकि आने वाली पीढ़ी उससे प्रेरणा प्राप्त कर सके। वस्तुतः मैं उसे एक पुत्र (शिवा) द्वारा अपने पिता (डॉ. श्रीधर मिश्र) का सच्चा श्राद्धकर्म एवं अखण्ड श्रद्धा का समर्पण ही कहूँगा। मुझे विश्वास है कि यह ‘स्मृति ग्रंथ’ आने वाली पीढ़ी के लिए एक दीपस्तम्भ और अमूल्य धरोहर प्रमाणित होगा।

  • Publisher ‏ : ‎ Booksclinic Publishing 
  • Language ‏ : ‎ Hindi
  • ISBN-13 ‏ : ‎ 9789355358561
  • Reading Age ‏ : ‎ 3 Years And Up
  • Country Of Origin ‏ : ‎ India
  • Generic Name ‏ : ‎ Book

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Description

संपादक
डॉ. विजय कुमार सिन्हा

‘शब्द सम्राट’ एवं ‘काव्य शास्त्री’ की गरिमामयी उपाधियों से विभूषित डॉ. विजय कुमार सिन्हा ख्यातिलब्ध कवि, साहित्यकार, प्रखर समीक्षक, नाट्‌य लेखक दिग्दर्शक अभिनेता एवं समाजसेवी है। आप विगत 35 वर्षों से प्रख्यात साहित्यिक संस्था भारतेंदु साहित्य समिति के प्रधान सचिव एवं काव्य-भारती के उपाध्यक्ष रहे हैं। सम्प्रति आप ‘काव्य-भारती के प्रधान- सचिव हैं। आपके द्वारा रचित ग्रंथ ‘छत्तीसगढ़ी लोकगाथा-समग्र’ बहुचर्चित पुस्तक है। आप छत्तीसगढ़ी लोक साहित्य एवं लोक संस्कृति के विशेष माने जाते हैं। आप दैनिक देशबन्धू के साहित्य संपादक तथा प्रज्ञातंत्र और संकल्प मासिक पत्रिकाओं के संपादक हैं उसके सिवाय आप अनेक पुस्तकों, पत्र- पत्रिकाओं का संपादन कर चुके है | दूरदर्शन भोपाल, रायपुर, दिल्ली तथा आकाश वाणी भोपाल, रायपुर, बिलासपुर से आपके कृत्यों एवं कविताओं का प्रसारण होते रहता है। देश के विख्यात पत्र-पत्रिकाओं में आपकी रचनाओं का प्रकाशन निरंतर होते रहता है। आपको अनेक शासकीय एवं गैरशासकीय संस्थाओ द्वारा अभिनंदित किया गया है जिसकी संख्या 100 से भी अधिक है। आपकी विशेष- ख्याति एक प्रखर कवि एवं मंच संचालक के रूप में है आपने देश के कई प्रख्यात विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों द्वारा आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय साहित्यिक संगोष्ठीयों में वक्ता क रूप में सम्मिलित हुए
आपके पढठी पूर्ति अवसर पर बंगाल के राज्यपाल द्वारा आपका अभिनंदन एवं पं. रामनारायण शुक्ल द्वारा संपादित अभिनंदन ग्रन्थ आपको मारतेन्द्र साहित्य समिति द्वारा समर्पित किया गया 76 वर्ष आयु पूर्ण करने के उपरान्त भी आप निरन्तर साहित्य एवं समाज सेवा में संलग्न हैं। विगत दिनों आपके द्वारा लिखित ग्रन्थ ‘छत्तीसगढ़ी लोकगाथा-समग्र’ का कोबार्पण माननीय चरणदास महन्त विधानसभा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ द्वारा किया गया।

Additional information

Dimensions 6 × 9 cm

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