Ekaant ke Aansoo by Vinesh Singh

199.00

मन के भावों को लयबद्धता में लाकर भावों को सार्थकता तो मिलती ही है उसको पढ़कर मन भी हर्षित होता है और उस रचना की सार्थकता तब और बढ़ जाती है जब पढ़ने वाले को यह लगे कि यह रचना तो मेरे लिये लिखी गयी है, यही तो मै कहना चाहता था। मैंने इस पुस्तक में जन सामान्य के मन में उठते भावों को मुक्तक के रूप में कहने की कोशिश की है जिनमें कुछ मुक्तक आपको पसंद आएंगे और कुछ बहुत पसंद आएंगे। सिलसिला अनवरत जारी है…

  • Publisher ‏ : ‎ Booksclinic Publishing 
  • Language ‏ : Hindi
  • Page :106
  • Size : 5.5×8.5
  • ISBN-13 ‏ : ‎9789358239423
  • Reading Age ‏ : ‎ 3 Years 
  • Country Of Origin ‏ : ‎ India
  • Generic Name ‏ : ‎ Book

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Description

मैं काफी समय से यह सोचता था कि मैं कुछ लिखूं जो भाव मेरे अंदर पनप रहे थे, पिछले कुछ वर्ष से मैंने लिखना आरंभ किया। मेरी प्रथम पुस्तक “अगर बोलने लगे” वर्ष 2023 में ग़ज़ल संग्रह के रूप में प्रकाशित हुई और दूसरी पुस्तक “शब्दों के शतक” के नाम से वर्ष 2024 में प्रकाशित हुई है, जो 100 ग़ज़ल का एक गज़ल संग्रह है। यह मेरी रचनाओं की तीसरी पुस्तक है और मुक्तक के रूप में प्रथम पुस्तक है।

Additional information

Dimensions 5.5 × 8.5 cm

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