Kirti Katha Kunj by Rajendra Kumar Pandey

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‘यादों के झरोखे से’ कहानी एक ऐसे कल्पनाजीवी नायक की है जो अपनी पत्नी को इतना चाहता है कि मृत्यु के बाद भी उसके अस्तित्व को स्वीकार करते हुए उसकी यादों के झरोखे में ऐसे अजूबे कार्य कर जाता है जो उसे वास्तविक ही प्रतीत होता है।
‘अंध विश्वास’ – शीर्षक कहानी भी अशिक्षित और रूढ़िग्रस्त लोगों की धर्म के नाम पर छल जाने की व्यथा-कथा है। इसमें पेड़ से दूध की अविरल धारा को ‌देखकर भक्ति-भाव से जनमानस की अंधश्रद्धा तथा सद्य: प्रसूत शिशु के ट्यूमर को शिव का अवतार कहकर और पाखंड फैलाकर धन-लाभ करने की लालसा का बखान है।
‘रुक जाना नहीं’ – शीर्षक कहानी सर्जनात्मकता को जारी रखते हुए अनुभव संपन्न रचनाधर्मिता से प्रणोदित होने के तथ्य को प्रकट करती है।
‘नमस्कार का चमत्कार’ -शीर्षक कहानी वस्तुत: व्यंगपरक है। इसमें नमस्कार के अर्थों और संदर्भों को विविध प्रसंगों और परिस्थितियों में प्रकट करके इस महात्म्य क़ो अनावृत किया गया है। रीतिकालीन कवि केशव ने भी अलंकार के आगम से काव्य में चमत्कार को प्रस्थापित किया था उसी क्रम में राजेन्द्र कुमार पाण्डेय जी भी नमस्कार से चमत्कार को प्रतिष्ठापित करते हैं।
ये समग्र कहानियां वास्तविकता का वितान तो बनाती है, आज के युगीन संदर्भों को भी अनावृत करती हैं। भाषा सरल-सहज,युगम और सुबोध है और संप्रेषणीयता इसका वैशिष्ट्य भी। इन कहानियों से पाठक वर्ग संतृप्त होंगे, ऐसी आशा की जा सकती है।

  • Publisher ‏ : ‎ Booksclinic Publishing 
  • Language ‏ : Hindi
  • Page : 135
  • Size : 5×8
  • ISBN-13 ‏ : ‎9789358233735
  • Reading Age ‏ : ‎ 3 Years 
  • Country Of Origin ‏ : ‎ India
  • Generic Name ‏ : ‎ Book

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Description

कहानी छोटी या लंबी, जब बहुत ही रोचक ढंग से जीवन की घटनाओं को उधृत करती चलती हैं तो पाठक का मन उसमें ऐसे रम जाता है कि उसे पूरा पढ़े बिना नहीं रह पाता और उसे हमेशा याद रखता है । पाठक को जब लगता है कि ये उसी की कहानी है और वह स्वयं उस कहानी का प्रमुख पात्र है, तो यही कहानी की विशेषता बन जाती है । बिलासपुर छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कवि एवं कथाकार श्री राजेन्द्र कुमार पाण्डेय जी की कहानियों की भी यही विशिष्टता है । उसका कारण यह भी है कि इनकी कहानियाँ वास्तविक जीवन की कहानी है और जिसमें इनकी अनुभूतियाँ गुथी हुई हैं । छत्तीसगढ़ के अंचल से संपृक्त इनकी कहानियाँ इन्हें आंचलिक कहानीकार बना देती हैं । इनकी सहज सरल भाषा युक्त विवरणात्मक शैली कहानियों को रोचक बनाने में सफल रही है ।

Additional information

Dimensions 5 × 8 cm

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