Maa ki Mamta by (Premsagar Kashyap)

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बच्चे को जनम देकर माँ बनना बहुत आसान होता है लेकिन माँ का कर्त्तव्य निभाना एक तपस्या ही है जिनके बारे में एक सच्ची माँ के अतिरिक्त कोई दूसरा नहीं जान सकता है । अपने द्वारा जाए संतानों के लिए त्याग और समर्पण करने वाली माँ की न तो कभी कमी रही है और न ही कभी होगी लेकिन दूसरों के द्वारा जाए संतानों के लिए त्याग और समर्पण करने वाली यशोदा माँ बहुत अधिक नहीं मिला करते हैं । माँ बनना बड़े गर्व की बात होती है । माँ न बन पाने की पीड़ा को एक बाँझ औरत ठीक – ठीक जानती है । एक बाँझ औरत ; माँ बनने के लिए अपने जीवनभर की कमाई को फूँकने के लिए हर समय तैयार रहती है लेकिन माँ बनने के लिए कोई लड़की , कुँवारी अवस्था में अपनी बच्चादानी का शायद ही बलिदान करे ।

  • Publisher ‏ : ‎ Booksclinic Publishing (11 August 2022)
  • Language ‏ : ‎ Hindi
  • Paperback ‏ : ‎ 294 pages
  • ISBN-13 ‏ : ‎ 9789355355225
  • Reading age ‏ : ‎ 3 years and up
  • Country of Origin ‏ : ‎ India
  • Generic Name ‏ : ‎ Book

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Description

लेखक का जन्म पुराना मध्यप्रदेश राज्य के बिलासपुर जिले के चाम्पा तहसील के अंतर्गत एक छोटे से गाँव सेमरिया में किसान परिवार में हुआ है । अब यह राज्य, छत्तीसगढ़ राज्य के जाँजगीर-चाम्पा जिला बन चुका है । लेखक का जन्म तिथि 18 मई सन् 1976 है । तीन भाई और दो बहनें हैं । दोनों बहनें इनसे बड़ी है लेकिन भाई में यही बड़े हैं प्राथमिक और मिडिल स्कूल की शिक्षा अपने गाँव में ही पाई है । हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल की शिक्षा गाँव से दस किलोमीटर दूर दीवान दुर्गेश्वर सिंह शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिर्रा में पाई । स्नातक की शिक्षा को गणित में ठाकुर छेदीलाल महाविद्यालय जाँजगीर से प्राप्त की और स्नातकोत्तर की शिक्षा को गणित विषय में सी. एम. डी. कॉलेज बिलासपुर (छ.ग.) से प्राप्त की । इसके बाद छह वर्षों तक एक निजी विद्यालय में व्याख्याता (गणित) के पद पर अध्यापन कार्य किया । इन्होंने सरकारी सेवा सन् 2005 से शिक्षा कर्मी वर्ग-02 के रूप में बिलासपुर जिला के मस्तूरी विकासखण्ड से शुरू किया । सन् 2017 में ये अपने गृह जिला जाँजगीर चाम्पा चले गए । उसके बाद वर्तमान में ये शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिर्रा में व्याख्याता ( गणित ) के पद पर कार्यरत हैं। विगत दो वर्षों से राजिम (छ.ग.) से प्रकाशित होने वाले अख़बार खबरगंगा साप्ताहिक में लगातार विचार लिखते रहे हैं । इनके एक पुत्री और एक पुत्र हैं ।

Additional information

Dimensions 5.2 × 8.2 cm

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