Mahua Mahakela : Bhojpuri Geet Sangrah by Renu Agrawal

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इसमें प्रेम विरह, मिलन , पर्व त्यौहार, वैवाहिक रीति रिवाजों से संबंधित, प्रकृति के मनोरम दृश्यों का सजीव चित्रण सहित सामाजिक सरोकार एवं कुरीतियों का विरोध करने वाले गीत समाहित हैं जो पाठक को भारतीय समाज की सभ्यता एवं संस्कृति से जोड़ते हैं जिसे पढ़कर पाठक को रोम रोम प्रसन्नता से भर जाता है।

  • Publisher ‏ : ‎ Booksclinic Publishing 
  • Language ‏ : Hindi
  • Page : 100
  • Size : 5×8
  • ISBN-13 ‏ : ‎9789358233858
  • Reading Age ‏ : ‎ 3 Years 
  • Country Of Origin ‏ : ‎ India
  • Generic Name ‏ : ‎ Book

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Description

हिंदी की जानीमानी कवयित्री रेणु अग्रवाल आज भले ही उड़ीसा प्रदेश में बरगड़ जिले के बरपाली में रहती हैं, लेकिन इनका जन्म गोरखपुर उत्तरप्रदेश में हुआ, जहां की मिट्टी भोजपुरी बोली और संस्कृति की महक से सराबोर है। रेणु जी का नाम आधुनिक कविता की दुनिया में जाना पहचाना नाम है तथा इनकी रचनाओं में अभी भी भोजपुरी लोकरंग की अनुगूंज समाहित है जो इन्हें वहां के लोकगीतों की तरफ बार-बार लौटने को मजबूर कर देती है। आधुनिक कविता लिखते हुए भी रेणु जी का मन भोजपुरी बोली के माधुर्य की तरफ लौट-लौट आता है। यही वजह है कि ये आधुनिक कविता लेखन के बीच से कुछ वक्त भोजपुरी बोली के लिए चुरा ही लेती हैं
इनके गीतों की मिठास, समीचीनता और सहजता देखते ही बनती है। यदि इन गीतों को सुमधुर स्वरों में विभिन्न साजों के साथ गाया बजाया जाए तो यह श्रोताओं को भावविभोर करने की क्षमता रखते हैं। इनके गीतों में प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन है, जहां पहली बरसात की मस्त कर देने वाली खुशबू है। विषय की विविधता इस संकलन को महत्वपूर्ण बनाती है। गीतों की मार्मिकता और सहजता हर किसी को प्रभावित करने में समर्थ है। जाहिर है रेणु जी ने इन गीतों के माध्यम से देश के लाखों हजारों निम्न मध्यवित्तीय परिवारों में गुजर बसर करने वाले पति-पत्नी, प्रेमी-प्रमिकाओं के जीवन की व्यथा कथा को शिद्दत के साथ उकेरा है। रेणु जी ने भोजपुरी बोली की मर्यादा और गरिमा को बचाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया है। सरकार की जिम्मेदारी है कि भोजपुरी संस्कृति को बचाने के लिए ऐसे फूहड़ गीतों पर रोक लगाए। रेणु जी के इन गीतों में एक अंचल के बजाए संपूर्ण भारत का लोकजीवन मुखर है। निम्न मध्यवित्तीय जीवन की व्यथा को स्वर देकर रेणु जी ने महत्वपूर्ण काम किया है। इनके दो काव्य संग्रह ‘एक और राधा’ तथा ‘रेगिस्तान में नागफनी’ प्रकाशित हो चुकी है।

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Dimensions 5 × 8 cm

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