Manav Jati Ka Itihas Aur Vikas Ki Kahani by Gopal Prasad

115.00

मुझे इतिहास पढ़ना और पूर्व के राजवंशों के बारे में जानकारी रखना और दोस्तों से चर्चा करना अच्छा लगता था । घर में बच्चों को इसके बारे में बताता रहता था । कभी कभी पत्नी से झड़प हो जाता था । कहती झूठ का क्यों बक बक करते हैं, ज्ञानी बनते हैं । यदि सच के ज्ञानी हैं, तो किताब छपवाइए लोगों में बांटिए और अपने ज्ञान से लोगों को अवगत कराइये । तभी मैं समझूंगी कि आप ज्ञानी हैं । उसकी बात रखने के लिए मैं सिर्फ इतना कहता कि सोचूंगा । फिर मैं सोचता लेखक बनना बहुत बड़ी बात है । यह मेरे बस की नहीं है । मेरी पत्नी कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित थी । नामी गिरामी डाक्टरों और अस्पतालों में दिखाया । परन्तु मैं, मेरा, बेटा, वहु, बेटी सब मिलकर भी नहीं बचा
पाए । उसकी मृत्यु के बाद बेटा वहु के साथ उसके पास आ गया । उसके बाद से पुराना निवास स्थान और बेटा वहु के पास आना जाना जारी है ।

  • Publisher ‏ : ‎ Booksclinic Publishing 
  • Language ‏ : Hindi
  • Page : 85
  • Size : 5×8
  • ISBN-13 ‏ : ‎9789358239683
  • Reading Age ‏ : ‎ 3 Years 
  • Country Of Origin ‏ : ‎ India
  • Generic Name ‏ : ‎ Book

1 in stock (can be backordered)

SKU: book1815BCP Category:

Additional information

Dimensions 5 × 8 cm

Reviews

There are no reviews yet.

Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.