Paurush Rajakul Vanshavali : (Kushal Pal Singh “Paurush”)

200.00

  • Publisher ‏ : ‎ Booksclinic Publishing (01 September 2022)
  • Language ‏ : ‎ Hindi
  • Paperback ‏ : ‎ 126 pages
  • ISBN-13 ‏ : ‎ 9789390871834
  • Reading age ‏ : ‎ 3 years and up
  • Country of Origin ‏ : ‎ India
  • Generic Name ‏ : ‎ Book

100 in stock (can be backordered)

SKU: book587BCP Category:

Description

“नाम : कुशलपाल सिंह पौरूष
पिता का नाम :- स्व0 श्री लक्ष्मण सिंह (जिल्लेदार)
माता का नाम :- स्व0 श्री मती चिरांेजी देवी (समाजसेवी)
पत्नि का नाम :- स्व0 श्रीमती मुन्नी देवी (नर्स) (छण्डण्ैण् एवं समाजसेविका)
जन्मतिथि :- 24 अक्टूबर, 1943
मोबाइल : – 8171658780, 9286381756
ई0 मेल :- Email-Id: gspaurush@gmail.com
वाट्सऐप :- 8171658780 , 8218938352
शिक्षा :- एम0ए0 हिन्दी , साहित्य रत्न ,स्म्पादन कला विशारद, विधि विशारद
टेक्नीकल शिक्षा :- 1. टेक्नीकल प्रोफीसीयंसी ,रेडीयो एड टेलीग्रफी क्लास 1 (आर्मी ऐजूकेशन)
2. हिन्दी क्लास 1
3. अंज्ञेजी भाषा क्लास 2
4. मैपरिडिंग क्लास 1
व्यक्तित्व :- धार्मिक/ सामाजिक/ राजनैतिक/ पारिवारिक जीवन में सचरित्रवान । उच्च छात्र जीवन / माता और अपने सें बडों के प्रति आदर्शवादिता /पिता स्वर्गवासी बचपन में हो गये थे/ धर्म और समाज के प्रति उदारता अपने घर / परिवार /खानदान और सब के प्रिय/देश सेवा और समाज सेवा के लिए सर्वोपरी
कृतित्व :- बचपन से ही समाज और देश की सेवा करना लेखक का सर्वप्रिय कर्तव्य था अपने कर्तव्य के प्रति तथा परिवार के निष्ठावान रहे।
सर्विस (सेवा क्षेत्र) :- भू0पू0सै0 (सेना क्षेत्र) , शिक्षक (शिक्षा क्षेत्र)
समाज सेवा का क्षेत्र :- भारत सरकार/उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पंजीकृत धारा 1860/ग्ग्प् के अर्न्तगत रजीर्स्टड संस्थायें। अपने छात्र जीवन अपनी माता की सेवा करना अपने बड़े भाईयो और माता समान भावियों की सेवा करना /गली और मुहल्ले वालो की सेवा करना ग्राम और समाज के विकास के लिये अपना जीवन सार्थक करना ही लेखक का परम कर्तव्य था।
मेडल :- आर्मी मे रहकर देश सेवा करते हुए निम्न तीन मेडल प्राप्त किये।
1. हिमालिया मेडल
2. सैन्य सेवा मेडल
3. रक्षा मेडल
सहित्यक :- उपन्यास – ढलती शाम, जब सुरज उगता है , वह मजबूर थी आदि काहानी- मेरा गॉव , मॉ चार भाईयों की कथा, बेटी की विदा आदि निबन्ध- साक्षरता , मेला , त्यौहार इतिहास- पौरूष राजकुल वंसावली, क्षत्रिय वंसज, भारतीय संस्कृती और भारत का इतिहास, लघु राम कथा (रामायण पर आधारित) अन्य विधाओं में कविता संग्रह- राष्ट्रयभाषा की र्दुदशा , समस्याएं, मानव हुँजानवर नहीं , नवजात शिशु की समस्या, अपने के द्वारा टुकराना, भारत तेरी माटी है, प्रेम और प्यार , रूटी हुई राधा , भारतीय नारी , जीवन साथी, शक्तिपीठ, मेरी बेटी,अन्य कविताओं का संग्रह किया जा राहा है।
भारतीय सेवा में रहकर लेखक कार्य पाकिस्तान से पूर्व 1964 से उपन्यास, निबन्ध , डायरी, इतिहास , एवं जीवनी जैसी गद्य विधाओं पर लिखना आरम्भ किया तबसे आज तक कुछ न कुछ लिखता रहता हूँ ।
लेखक आज भी राजनीती में अनेक दायित्वों पर रहकर आज भी देश समाज की सेवा में लगातार संग्लन है।

Additional information

Dimensions 5.5 × 8.5 cm

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Paurush Rajakul Vanshavali : (Kushal Pal Singh “Paurush”)”

Your email address will not be published.