Saddharm Ki Pathashala, By(Anand Prakash Gupta)

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“आनन्द प्रकाश गुप्ता जी (Anand Prakash Gupta) ने अपनी पैनी दृष्टि से भगवान बुद्ध के जीवन चरित और उनकी शिक्षाओं से अपने लेखकीय जीवन का ई. सन 2008 से प्रारम्भ किया है। बौद्ध ज्ञान,दर्शन पर उनकी दो पुस्तकें ‘बोधिसत्व (एक पुररावलोकन)’ तथा ‘धम्मं शरणं’ पाठकों में अत्यन्त लोकप्रिय हैं। इन दोनों ही पुस्तकों के मराठी एवं अंग्रेजी भाषा में भी अनुवाद हो चुके हैं। बौद्ध आख्यान के अतिरिक्त लेखक ने कथा, आलेख एवं यात्रा संस्मरण के द्वारा ‘मन्दाकिनी तीरे’ एवं ‘उत्तराखंड चार धाम यात्रा’ नामक पुस्तकों के माध्यम से हिन्दी साहित्य जगत को उत्कृष्टता प्रदान की है।
प्रस्तुत पुस्तक में लेखक ने “” सर्वेभवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया….”” की कामना लेकर सनातन धर्म के मूल भाव को वेदांत और उपनिषद के सूत्रों के माध्यम से प्रतिपादित किया है। लेखक की मूल भावना मानवता के विभिन्न श्रेष्ठ अंलंकरणों से सामाजिकता को उत्कृष्टता प्रदान करना है, जिससे सभी की मनोबुद्धि पर उसका प्रभाव दृष्टिगोचर हो। समाज से अविद्या दूर होकर उसमें अद्वैत के शुद्ध आत्मज्ञान के दर्शन हों। सभी में राग-द्वेष रूपी विरोध के भाव का शमन होकर स्नेह भाव पैदा हो। सभी अपने समाज,राष्ट्र और पर्यावरण के तत्वों से आत्मिक प्रेम करते हुए उनका सवर्धन करें । ”

  • Publisher ‏ : ‎ Booksclinic Publishing 
  • Language ‏ : ‎ Hindi
  • ISBN-13 ‏ : ‎ 9789355357960
  • Reading Age ‏ : ‎ 3 Years And Up
  • Country Of Origin ‏ : ‎ India
  • Generic Name ‏ : ‎ Book

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Dimensions 6 × 9 cm

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