Sumiran : Bhajan Mala by Madan Singh Thakur

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देवी या देवता की प्रशंसा में गाया जाने वाला गीत को भजन कहते हैं। भारतीय संगीत के मुख्य रूप से तीन भेद किये जाते हैं। शास्त्रीय संगीत, सुगम संगीत और लोक संगीत। भजन सुगम संगीत की एक शैली है। इसका आधार शास्त्रीय संगीत या लोक संगीत हो सकता है। इसको मंच पर भी प्रस्तुत किया जा सकता है लेकिन मूल रूप से यह किसी देवी या देवता की प्रशंसा में गाया जाने वाला गीत है। सामान्य रूप से उपासना की सभी भारतीय पद्धतियों में इसका प्रयोग किया जाता है। भजन मंदिरों में भी गाए जाते हैं। हिंदी भजन, जो आम तौर पर हिन्दू अपने सर्वशक्तिमान को याद करते हैं या गाते हैं|

  • Publisher ‏ : ‎ Booksclinic Publishing 
  • Language ‏ : Hindi
  • Page :106
  • Size : 5×8
  • ISBN-13 ‏ : ‎9789358238884
  • Reading Age ‏ : ‎ 3 Years 
  • Country Of Origin ‏ : ‎ India
  • Generic Name ‏ : ‎ Book

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Description

कवि परिचय

पारिवारिक
कवि श्री मदन सिंह ठाकुर का जन्म 25 सितंबर 1973 को बिलासपुर-रतनपुर मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम गतौरी जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ में हुआ है।
पिता का नाम स्वर्गीय श्री सीताराम सिंह ठाकुर, माता श्रीमती दया बाई ठाकुर, पत्नी श्रीमती अंजु सिंह ठाकुर, पुत्र मोहनीश सिंह ठाकुर है।

लेखन/पत्रकारिता के क्षेत्र में अनुभव
श्री मदन सिंह ठाकुर ने अपनी पत्रकारिता का सफर 2 अगस्त 1991 को दैनिक आदित्य डायरी समाचार पत्र से एक ग्रामीण संवाददाता के रूप में प्रारंभ किया। इसके पश्चात बिलासपुर टाइम्स, लोक स्वर, अमृत संदेश में सन 1993 तक एवं 1993 में जांजगीर से प्रकाशित दैनिक शताब्दी एक्सप्रेस से बिलासपुर नगर संवाददाता के रूप में कार्य किया।
पत्रकारिता की इसी कड़ी में पुनः दैनिक आदित्य डायरी समाचार पत्र में नगर संवाददाता के रूप में 1997 से सेवाएं प्रारंभ की।
1997 में ही हिंदी कहानी “परिवर्तन” के प्रसारण के साथ ही आकाशवाणी बिलासपुर में पदार्पण किया। 1997 से प्रारंभ आकाशवाणी की यह यात्रा निरंतर तेरह वर्षों (2010) तक चली। हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी कहानी-कविताओं के क्षेत्र में एक कदम और बढ़ाते हुए वर्ष 2003 में इनकी छत्तीसगढ़ी देशभक्ति कविता का प्रसारण दूरदर्शन रायपुर से हुआ।
पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए वर्ष 2003 में दैनिक देशबंधु में नगर संवाददाता के रूप में सेवाएं प्रारंभ की व 2003 में ही रतनपुर में बाबू रेवाराम कथाकार सम्मान से सम्मानित किए गए।
सम्मान की इसी कड़ी में वर्ष 2011 में महाराणा प्रताप छत्रसाल जयंती समारोह में विशिष्ट प्रतिभा सम्मान एवं वर्ष 2023 में न्यूज़ हब इनसाइड केयर फाउंडेशन की ओर से पत्रकारिता में छत्तीसगढ़ रत्न सम्मान से सम्मानित किए गए। वर्ष 2007 में दैनिक स्वदेश समाचार पत्र में सिटी चीफ बनाये गए। 2009 में देशबंधु समाचार पत्र में फिर वापसी की व वर्ष 2009 में ही दैनिक तरुण पथ सामाचार पत्र में सिटी चीफ के रूप में पदभार ग्रहण किया व कुछ ही दिनों में संपादक के रूप में सेवाएं दी। वर्ष 2011 में तरुण पथ छोड़कर स्वयं का दैनिक टारगेट ऑफ छत्तीसगढ़ नामक समाचार पत्र प्रारंभ किया जिसमें प्रबंध संपादक के रूप में अब तक सेवाएं दे रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में खासा अनुभव रखने के कारण राज्य सरकार द्वारा इन्हें वर्ष 2016 में अधिमान्यता दी गई।

Additional information

Dimensions 5 × 8 cm

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