Taad Vano Ke Bich Me : Doha Sangrah by Navneet Kamal

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“ताड़ वनों के बीच में
साहित्य के इस छोटे से रचना-संसार में जीवन के तमाम विद्रूपों के बीच जब पहली बार अपनी संवेदना को लालित्य के साथ दोहे में रूपांतरित करने में सफल हुई, वह क्षण आज भी मन को आल्हादित करता है।इस यात्रा की निरंतरता में जिन दोहों ने आकार ग्रहण किया वे आज एक संग्रह के रूप में “”ताड़ वनों के बीच”” शीर्षक से शोभित हैं।
शैशव काल का प्रभाव जीवन भर रहता है। सुखद अनुभूतियाँ निश्चय ही जीवन के हर पल को सुखद बनाती हैं और यदि अनुभूतियाँ दुखद या बोझिल हैं तो नकारात्मक भाव हर पल उम्र भर पीछा करतें हैं।इन स्थितियों से अलग कलात्मक सृजनशीलता प्रेम, सहयोग, श्रद्धा ,विनम्रता और श्रम से संचित नैतिक मूल्यों को कभी गिरने नहीं देती।सृजन के क्षण किसी न किसी रूप में सर्जक के जीवन की सशक्त भूमिका निर्धारित कर उसे सार्थक बनाने का प्रयास करते हैं।
‘ताड़ वनों के बीच’ शीर्षक दोहा संग्रह का प्रमुख उद्देश्य बालपन की स्मृतियों को अमरत्व देना है। दोहा छंद के नियमों का पालन करते हुए विविध विषय, यथा – ईश्वरीय सत्ता, गुरु-महिमा, प्रकृति, पर्यावरण, नैतिक मूल्य, प्रेम, संवेदना आदि की विषमताओं के साथ आशा-निराशा, धर्म- कर्म, आस्था, निदान पर मेरी रचना धार्मिता कहाँ तक सार्थक हुई यह तो प्रबुद्ध पाठक ही बतायेंगे। शायद, अतिशयोक्ति नहीं होगी, अगर मैं यह कहूँ कि ‘ताड़ वनों के बीच’ इस क्षेत्र से प्रकाशित प्रथम दोहा संग्रह है।
छंदबद्ध रचनाऍं सदैव साहित्य को स्थायित्व प्रदान करतीं हैं। इसी भावना के वशीभूत छंद-साधना को लक्ष्य बनाकर मैंने अपना जीवन लेखनी को समर्पित कर दिया है। यह संकल्प अविकल और अटल रहे,यही कामना है।
मूलतःतेलुगु भाषी होने के बावजूद हिंदी भाषा से विशेष लगाव रहा, यही लगाव धीरे -धीरे एक वट वृक्ष की तरह अपनी जड़ें मजबूत करता रहा, और नियमित रूप से लिखने लगी ।
अब समय बदल गया परिस्थितियाँ बदल गई..सीखने और पढ़ने लिखने की चाह में कमी नही आया, डिजिटल प्लेटफार्म में लिखने की ललक बढ़ी, उत्कृष्ट प्रतिक्रियाओं के साथ सम्मान मिला.. अब नवनीत कमल का क्षण- क्षण समर्पित है ..अधययन अध्यापन और लेखन के लिए….। वर्तमान में आप बस्तर हाई स्कूल जगदलपुर छत्तीसगढ़ में हिंदी व्याख्याता- के पद पर पदस्थ हैं।

  • Publisher ‏ : ‎ Booksclinic Publishing 
  • Language ‏ : Hindi
  • Page : 135
  • Size : 5.5×8.5
  • ISBN-13 ‏ : ‎9789358236378
  • Reading Age ‏ : ‎ 3 Years 
  • Country Of Origin ‏ : ‎ India
  • Generic Name ‏ : ‎ Book

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Description

नवनीत कमल – का जन्म 28 फरवरी सन् 1964 में छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर ग्राम इंजरम (कोंटा) जिला सुकमा के शिक्षकीय परिवार में हुआ, पिता का नाम स्वर्गीय सत्यनारायण राव एवं माता श्रीमती सत्यवती राव है। घर का वातावरण पठन-पाठन के लिए सदा ही अनुकूल रहा। बालपन आदिम जनजातियों के बीच में गुजरा, 17 वर्ष के उम्र में श्री कमल रामजी निवासी आवापल्ली जिला बीजापुर के साथ विवाह बंधन में बंध गई ।
घर की जिम्मेदारियों के साथ बच्चों का पालन पोषण, नौकरी में दायित्वों का निर्वहन करते हुए बतौर स्वाध्यायी शिक्षार्थी के रुप में उच्च शिक्षा में प्रवेश कर हिन्दी साहित्य एवं लोक प्रशासन विषयों में एम.ए.एवं बी. एड. परीक्षा उत्तीर्ण की।

अब समय बदल गया परिस्थितियाँ बदल गई.. सीखने और पढ़ने लिखने की चाह में कमी नही आया… डिजिटल प्लेटफार्म में लिखने की ललक बढ़ी, उत्कृष्ट प्रतिक्रियाओं के साथ सम्मान मिला.. अब नवनीत कमल का क्षण- क्षण समर्पित है अधययन अध्यापन और लेखन के लिए….। वर्तमान में आप बस्तर हाई स्कूल जगदलपुर छत्तीसगढ़ में हिंदी व्याख्याता- के पद पर पदस्थ हैं।

Additional information

Dimensions 5.5 × 8.5 cm

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