Thos Vicharon Ki Kimagiri( Laghu Katha Sangrah ), By(Dr. Anil Kumar Bhatpahari)

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“””ठोस विचारों की कीमागिरी में उदात्त मानवीयता का संदेश “”
मनुष्य का जीवन जन्म से लेकर मृत्यु तक सतत प्रवाहमान होता हैं। मनुष्य सबसे पहले अपने परिवार से जुड़ता है, जहाँ पर उसे परिवार के वातावरण के अनुरुप संस्कार मिलता है। फिर वह आस-पास के समाज से जुड़ता है, तब उसे व्यापक रुप से समाज और राष्ट्र के सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनैतिक व अन्य संस्कार शैन: शैन: मिलता रहता हैं। मनुष्य जिस सामाजिक वातावरण में रहता है उस समाज के प्रकृति व प्रवृत्ति से कभी वह स्वयं प्रभावित होता है और कभी वह स्वयं भी समाज को प्रभावित करता हैं। यह सिलसिला जीवन भर जारी रहता हैं।
समाज के कुछ खास बौद्धिक प्रतिभा वाले लोग अपनी लेखन प्रतिभा के माध्यम से अपने जीवन व आसपास के समाज में घटित प्रेरणादायी व शिक्षाप्रद घटनाओं को समाज हित में कहानी संस्मरण वृतांत आदि के रुप में लिखकर महान कार्य करते हैं। घटनाएँ प्रतिपल इस धरती में घटित हो रही है तथा भविष्य मे घटती रहेगी लेकिन उन घटनाओं में से कुछ ही घटनाएँ लेखकों की वजह से कालजयी हो जाती हैं।
डॉ. अनिल कुमार भतपहरी जी उन्ही कलमकार प्रतिभाओं मे से एक हैं। जिन्होने अपने जीवन के सामाजिक सरोंकारों को करीब से देखा और परखा है। डॉ. साहब ने इस लघु कथा संग्रह “”विचारों की कीमागिरी “” में ऐसे ही घटनाओं को बेहद संवेदनशीलता के साथ समायोजित कर प्रेरक कथ्य का स्वरुप देकर आने वाली पीढ़ी को उत्कृष्ट साहित्यिक धरोहर सौंपने का प्रणम्य प्रयास किया हैं।”

  • Publisher ‏ : ‎ Booksclinic Publishing 
  • Language ‏ : ‎Hindi
  • ISBN-13 ‏ : ‎ 9789355352392
  • Reading Age ‏ : ‎ 3 Years And Up
  • Country Of Origin ‏ : ‎ India
  • Generic Name ‏ : ‎ Book

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Dimensions 5 × 8 cm

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