Too Hi Bta

“तू ही बता” में प्रेम, रहस्यवाद, और सामाजिक विषयों को लेकर 178 लघु कविताएँ हैं | लघु आकार की ये कविताएँ किसी ग़ज़ल के शे’र की तरह दिल पर छाप छोडती हैं | कवि की भाषा सरल और सरस है | उर्दू शब्दावली का भी विषयानुरूप प्रयोग हुआ है, लेकिन इससे कविताएँ बोझिल नहीं होती, यही इसकी विशेषता है |

  • Paperback: 105 Pages
  • Publisher: Booksclinic Publishing
  • Language: Hindi
  • Edition: 1
  • ISBN: 978-93-89757-29-3
  • Release Date: 17 January 2020

150.00

Compare
  Ask a Question
SKU: book307 Category:

Book Details

Dimensions 5.5 × 8.5 cm

About The Author

Dilbag Singh Virk

दिलबागसिंह विर्क की हिंदी और पंजाबी में अब तक 12 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जो कविता, कहानी और समीक्षा से संबंधित है, जिनमे चार पुस्तकों हरियाणा साहित्य अकादमी पंचकुला के सौजन्य से प्रकाशित हैं | उनकी कहानी को वर्ष 2012 में विश्व सचिवालय मारीशस द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कहानी प्रतियोगिता में 100 डालर का सांत्वना पुरस्कार मिला | प्रतिलिपि की प्रतियोगिता में भी उनकी कहानियाँ चुनी गई | उन्हें अनेक संस्थाओं ने सम्मानित किया है और वे निरंतर साहित्य साधना में रत है | “तू ही बता” उनकी 13 वीं पुस्तक है,जो 178 लघु कविताओं को समेटे हुए है |

Reviews

There are no reviews yet.

Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.

No more offers for this product!

General Inquiries

There are no inquiries yet.