Why is the seven : Saat Hi kyon

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“दरअस्ल ये वो आलीन/सर्वोच्च हैं, जिन्हें वेदों ने वो चैदह कहकर पहचनवाया है, जिनके ‘सात’ नाम हैं जिनमें एक देवी है। इसका मुफ़स्सल/विस्तृत ब्यान में अपनी किताब ‘कायनात की खि़लक़त का राज़’ में कर चुका हूँ। इस किताब में ज़्यादातर वर्सेज़, मंत्र, ष्लोक या सूक्तियों का तर्जुमा इंगलिष से हिन्दी में किया है जो जनाब अज़ीज़ ए. हैदर साहब की किताब ‘One God One Religion’ (4-Vols) से लिया गया है, यह तर्जुमा जनाब हैदर साहब ने तमाम इलहामी किताबों मसलन वेद, पुराण, गीता, बाइबिल, तौरात जैसी किताबों से और कुरआन अख़ज़/आहरित किया है।

इन ‘सात या चैदह’ को समझना इन्सान को अपनी ज़िन्दगी कामयाब करने के लिए ना सिर्फ़ ज़रूरी है बल्कि लाज़िम (अनिवार्य/ Mandatory) है। इनको जान लेने वाला ही कामयाब है, चाहे वोह इन्हें इन के किसी भी रूप और रोल में पहचाने, या इनको किसी भी नाम से जाने। ऊपर वाले ने इनके साथ-साथ जो एक (-) ve force ज़ुल्मत/तामसिक शक्ति, शैतान या इबलीस के नाम से दुनिया में पैदा कर दी है, इन्सान उसके चंगुल में फंसता रहेगा और अपनी आख़रत यानी अन्त ख़राब और बर्बाद करता रहेगा। हर हाल में यह दुनिया या संसार इन्सान का अन्तिम पड़ाव नहीं है। यह एक इम्तहानगाह है जिसमें किए गये आमाल/कर्मों की बिना/आधार पर उसकी आत्मा/रूह या नफ़्स का फ़ैसला होगा। संसार में इन्सान की एक बहुत छोटी यानी अल्पाविधि है, जो ऊपर वाले की नज़र में कुछ घंटों से ज़्यादा नहीं है।

  • Publisher ‏ : ‎ Booksclinic Publishing (01 December 2022)
  • Language ‏ : ‎ Hindi
  • Paperback ‏ : ‎ 61 pages
  • ISBN-13 ‏ : ‎ 9789355357076
  • Reading age ‏ : ‎ 3 years and up
  • Country of Origin ‏ : ‎ India
  • Generic Name ‏ : ‎ Book

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Dimensions 5.5 × 8.5 cm

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