• Jeev aur Jeevan by (Prakash Chandra Seth) Quick View
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    • Jeev aur Jeevan by (Prakash Chandra Seth)

    • 150.00
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    • "राम राम, प्रिय,आदरणीय पाठक गण, 'जीव और जीवन' को लेखक का लिखने का मूल उद्देश्य समाज में फैली कुरीतियां ब दिन प्रतिदिन धर्म के नाम पर बढ़ता अंधविश्वास, और सामाजिक वैमनस्यता और बढ़ती जाती जात-पात की कट्टरता, के ऊपर एक सद प्रहार है, धर्म जीवन में जरूरी है पर कितना ? जितना कि मनुष्य के लिए जीने के लिए भोजन…
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  • Jeevan Ek Chakravyoo Quick View
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    • Jeevan Ek Chakravyoo

    • 70.00
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    • "जीवन एक संघर्ष है। ये बात सभी को पता हैं। पर क्यों है? क्या ये किसी को पता है। चलो कोई नहीं यारों मैं बताता हूं। क्योंकि हम सभी का जीवन 'चक्रव्यूह ' के ऐसे मायाजाल में जकडा हुआ हैं, जिसकी हमें कानों-कान खबर ही नहीं हैं। ओर इसी राज को खोलेगी ये किताब। जिसको पढने के बाद आप सभी…
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  • Jeevan Ke Maulik Aakhyaan : Kahani Sangra by (Dr. Siyasharan Jyotishi) Quick View
    • Jeevan Ke Maulik Aakhyaan : Kahani Sangra by (Dr. Siyasharan Jyotishi) Quick View
    • Jeevan Ke Maulik Aakhyaan : Kahani Sangra by (Dr. Siyasharan Jyotishi)

    • 210.00
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    • "जीवन के मौलिक आख्यान,'' कहानी संग्रह में संकलित कहानियों में नारी उत्थान, व्यवस्था परिवर्तन, यथार्थ बोध, गरीबी उन्मूलन, सामाजिक समरसता, संयुक्त परिवार की संकल्पना, शिक्षा, साकार स्वप्न की परिकल्पना जैसे लक्ष्यात्मक बोधमय आत्मचिंतन निखर उठा है।समस्या और समाधान, दोनों स्तर पर पात्र जीवंत हो उठे हैं। दु:ख-दर्द , संत्रास से देश-काल और वातावरण सजीव हो उठे हैं। कहानियों में भाषा…
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  • Jindagi Ke Tedhe-Medhe Raste by (Keshav Shukla) Quick View
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    • 110.00
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    • ऊंची-नीची राहें, पहाड़ियां, गलियां, पगडंडियों से होकर जिंदगी गुजरती है। न जाने कितने कांटे पैरों को चुभते हैं, कितनी बाधाएं मंजिल का रास्ता रोक खड़ी रहती हैं पर इंसान की फ़ितरत तो चलना है।वह चलता चला जाता है,मंजिल मिले या न मिले। इसी तरह टेढ़े-मेढ़े रास्तों से गुजर कर में आया हूं। बहुत कुछ खोया हूं तो पाया भी हूं।…
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  • Joohi Ki Khidaki by (Nageshwar Prasad Mukherjee (Pathik)) Quick View
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    • Joohi Ki Khidaki by (Nageshwar Prasad Mukherjee (Pathik))

    • 125.00
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    • "उपन्यास के सम्बन्ध में ---- ---------------------------------- जूही की खिड़की एक अदभुत एवं अनूठी प्रेम कथा है ! पात्र , स्थान और घटनाएँ काल्पनिक होते हुए भी दावा है पाठकों को लगेगी कि सभी पात्र प्राकृतिक दृश्यों के साथ जीवंत होकर अपनी-अपनी भूमिका अदा करते नजर आ रहे हैं ! कथा के बीच-बीच में दृश्यानुसार गीत भी प्रस्तुत किया गया है…
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  • Kahaan Hai Pramaan? : Nav Yug Avataran Ke. by (Narayan Prasad Ranade) Quick View
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    • Kahaan Hai Pramaan? : Nav Yug Avataran Ke. by (Narayan Prasad Ranade)

    • 150.00
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    • "समाज का नेतृत्व करने वाले कथित मनीषा के पतन से देश सभ्यता, संस्कृति का पतन भी हुआ। प्रत्येक क्षेत्रो में भ्रष्टाचार, कामचोरी, लोभ, मोह, लालच स्वार्थ की जड़े मजबूत होती चली गई। इन सबका प्रभाव न केवल धर्मक्षेत्र वरन सामाजिक, आर्थिक, नैतिक, राजनैतिक, शासकीय, कार्यों, परम्पराओं, प्रक्रियाओं में भी पड़ा है। जहाँ तक नजरे जाती है, जो भी सुनने-देखने में…
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  • Kalam ki Udaan: kavy Sangrah Quick View
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    • Kalam ki Udaan: kavy Sangrah

    • 120.00
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    • Publisher ‏ : ‎ Booksclinic Publishing (1 January 2021) Language ‏ : ‎ Hindi Paperback ‏ : ‎ 81 pages ISBN-10 ‏ : ‎ 9390655803 ISBN-13 ‏ : ‎ 978-9390655809 Item Weight ‏ : ‎ 110 g Dimensions ‏ : ‎ 21.59 x 13.97 x 0.49 cm Country of Origin ‏ : ‎ India
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  • Kalyugi Kans Mama : Upanyas by (Asharfi Lal Soni) Quick View
    • Kalyugi Kans Mama : Upanyas by (Asharfi Lal Soni) Quick View
    • Kalyugi Kans Mama : Upanyas by (Asharfi Lal Soni)

    • 75.00
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    • आज से लगभग पैंतालीस से पचास वर्ष पूर्व सन् 1970 के दशक में अपने आंखों के सामने घटित घटना का वर्णन कहानीकार प्रस्तुत कर रहा है, जो कपोल कल्पित नहीं है, बल्कि लेखक कहीं न कहीं उस परिवार से उस स्थिति परिस्थिति से भलीभांति जुड़ा हुआ है, जिसे उस घटनाक्रम को अमलीजामा पहनाने के लिए कलियुगी कंस मामा के नाम…
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  • KARMA by (Naresh Gupta) Quick View
    • KARMA by (Naresh Gupta) Quick View
    • KARMA by (Naresh Gupta)

    • 190.00
    • Rated 0 out of 5
    • "मेरे प्यारे दोस्तों, मुझे बहुत खुशी हो रही है आपको यह बताते हुए कि ईश्वर की मदद और उनके उत्साह से मैं अपनी अगली किताब लिखने में कामयाब हो गया हूं। ""कर्म/KARMA"" जो कर्म के ऊपर है, कि कर्म क्या है, कर्म कब बना, कैसे बना और कब शुरू हुआ। हम अपने कर्मों को करते हुए किस प्रकार ईश्वर के…
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  • Khilaqat Ka Raaz : The Secret of Universe Creation Ek Dharm – Ek Marm  by (STR Naqvi) Quick View
    • Khilaqat Ka Raaz : The Secret of Universe Creation Ek Dharm – Ek Marm  by (STR Naqvi) Quick View
    • Khilaqat Ka Raaz : The Secret of Universe Creation Ek Dharm – Ek Marm by (STR Naqvi)

    • 550.00
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    • "इस किताब की तालीफ़ (संकलन / Complation) का मकसद सिर्फ और सिर्फ इतना है कि आज तमाम मज़ाहिब (धर्मो / Religions) के लोगों के दरमियान / मध्य एक अन्जानी या जानी-बूझी जो नफ़रत दिलों में बढ़ गई है, किस कदर बेमानी और बेमक़सद है, जिससे तमाम आलम-ए-इंसानियत को नुक़सान पहुँच रहा है। इस वजह से एक इंसान दूसरे इंसान का…
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  • Krishn Katha – 2 : Karmakshetre by (Ranjana Verma) Quick View
  • krishn katha – 3 Quick View
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    • krishn katha – 3

    • 335.00
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    • Publisher ‏ : ‎ Booksclinic Publishing (07 September 2022) Language ‏ : ‎ Hindi Paperback ‏ : ‎282 pages ISBN-13 ‏ : ‎ 9789355355553 Reading age ‏ : ‎ 3 years and up Country of Origin ‏ : ‎ India Generic Name ‏ : ‎ Book
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