Krishn Katha – 2 : Karmakshetre by (Ranjana Verma)

350.00

  • Publisher ‏ : ‎ Booksclinic Publishing
  • Language ‏ : ‎ Hindi
  • Paperback ‏ : ‎ 303 pages
  • ISBN-13 ‏ : ‎ 9789355355072
  • Reading age ‏ : ‎ 3 years and up
  • Country of Origin ‏ : ‎ India
  • Generic Name ‏ : ‎ Book

100 in stock (can be backordered)

SKU: book344BCP Category:

Description

“नाम डॉ. रंजना वर्मा
जन्म 15 जनवरी 1952, शहर जौनपुर में ।
शिक्षा एम.ए. (संस्कृत, प्राचीन इतिहास) पी.एच.डी.(संस्कृत)
लेखन एवम् प्रकाशन वर्ष 1967 से देश की लब्ध प्रतिष्ठ पत्र पत्रिकाओं में, हिंदी की लगभग सभी विधाओं में । कुछ रचनाएँ उर्दू में भी प्रकाशित ।
प्रकाशित कृतियाँ साईं गाथा (महाकाव्य)। अश्रु अवलि, सर्जना, समर्पिता, सावन, कैकेयी का मनस्ताप, वैदेही व्यथा, संविधान निर्माता, द्रुपद – सुता, सुदामा,(सभी खण्ड काव्य)। चन्द्रमा की गोद में, पोंगा पंडित (बाल उपन्यास), समृद्धि का रहस्य, चुनमुन चिरैया, जादुई पहाड़ (बाल कथा संग्रह), मुस्कान (बाल गीत संग्रह), फुलवारी (शिशु गीत संग्रह)। जज़्बात, ख्वाहिशें, एहसास, प्यास, रंगे उल्फ़त, गुंचा, रौशनी के दिए, खुशबू रातरानी की, ख़्वाब अनछुए , शाम सुहानी, यादों के दीप, मंदाकिनी, आस किरन, बूँद बूँद आँसू (सभी ग़ज़ल संग्रह)। गीतिका गुंजन, सरगम साँसों की, रजनीगन्धा, भावांजलि, पुष्पवल्लरी (गीतिका संग्रह), सत्यनारायण कथा (पद्यानुवाद)। मुक्तक मुक्ता, मुक्तकाञ्जलि, मन के मनके (सभी मुक्तक संग्रह)। दोहा सप्तशती, दोहा मंजरी (दोहा संकलन)। एक हवेली नौ अफ़साने, रास्ते प्यार के, अमला, पायल, अँजोरिया, मर्डर मिस्ट्री, भुतहा किला, अँगना कँगना, सई, रुद्रायन – १ हिमाद्रि की छाया में, २ अद्भुत अघोरी (उपन्यास), 3 लौट आओ रुद्र, जल बिच मीन पियासी, कृष्ण कथा – 1(अवतरण),कृष्ण कथा – 2
( कर्मक्षेत्रे )

। सूर्यास्त, सिंधु-सुता, परी है वो, नानी कहे कहानी, दशावतार ( कहानी संग्रह )। साँझ सुरमयी, गीत गुंजन, गीत धारा, मीत के गीत, आ जा मेरे मीत, तुम बिन(सभी गीत संग्रह)। बसन्त के फूल (कुण्डलिया संग्रह)। चुटकियाँ (कह मुकरी संग्रह)। कविता कानन, कविता कौमुदी, मन की उड़ान(कविता संग्रह)चुटकी भर रंग, जुगनू (दोनों हाइकु संग्रह)। चंदन वन (तांका संग्रह), इंद्रधनुष (चोका संग्रह), मेहंदी के बूटे (सेदोका संग्रह), नयी डगर (वर्ण पिरामिड संग्रह)।
सम्पादन मन के मोती, मकरंद , सौरभ, मौन मुखरित हो गया (चारो कविता संग्रह ), अँजुरी भर गीत (गीत संग्रह), शेष अशेष (स्मृति ग्रन्थ), हास्य प्रवाह (हास्य व्यंग्य कविताओं का संग्रह, थूकने का रहस्य, करामाती सुपारी (दोनों हास्य व्यंग्य संग्रह)।
प्रसारण गीत, वार्ता, तथा कहानियों का आकाशवाणी, फैज़ाबाद से समय समय पर प्रसारण ।
सम्मान श्रीमती राजकिशोरी मिश्र सम्मान, श्रीमती सुभद्रा कुमारी चौहान स्मृति सम्मान, काव्यालंकार मानद उपाधि, छन्द श्री सम्मान, कुंडलिनी गौरव सम्मान, ग़ज़ल सम्राट सम्मान, श्रेष्ठ रचनाकार सम्मान, मुक्तक गौरव सम्मान, दोहा शिरोमणि सम्मान, सिंहावलोकनी मुक्तक भूषण सम्मान, दोहा मणि सम्मान व अन्य ।
सम्प्रति सेवा निवृत्त प्रधानाचार्या( रा0 बा0 इ0 कालेज जलालपुर, जिला अम्बेडक
सम्पर्क सूत्र ranjana.vermadr@gmail.com

Additional information

Dimensions 5.2 × 8.5 cm

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Krishn Katha – 2 : Karmakshetre by (Ranjana Verma)”

Your email address will not be published.